treatment of pain of Rib,पसली के दर्द का इलाज क्या है ? pasli ke dard ka ilaj kaise karte hai in hindi on blogger on google
सर्दियों में प्रायः पसलियों में असह्य दर्द होता है।
भयंकर टिस उठती है,सर्दी लगने के कारण शरीर के अंगो विशेष रूप से उंगलियो और कान पर इसका प्रभाव पड़ता है और ये लाल हो जातें हैं। पसलियां तेज चलने लगती हैं तथा भयंकर दर्द उठता है।
सख्त सर्दी लगने पर त्वचा का रंग नीला या पीला पद जाता है,हाँथ-पांव काँपने लगतें हैं।
पसलियों में भयंकर जकड़न महसूस होती है।
चलना,बैठना यहां तक कि करवट बदलना तक कठिन हो जाता है। जब पसली पर सर्दी का प्रभाव अधिक होता है। तो उसमें प्रदाह उत्प्नन होता है और असहनीय दर्द होता है।
नुश्खे-1-राई को पानी में पीसकर गरम करके दर्द वाले स्थान पर लगाने अर्थात बार-बार लेप करने से दर्द दूर होता है।
2- 100 ग्राम मेथी का दाना पहले हल्का सा भून लें,फिर इसे हल्का सा कूटकर उसमें चौथाई भाग काला नमक मिलाकर सुबह-शाम दो चम्मच गरम पानी के साथ इसकी फंकी लें,इस प्रयोग को निरन्तर 15 दिनों तक करने से कैसा भी असह्य दर्द हो दूर हो जाता है।
3-एक गिलास पानी में दो चम्मच जीरा डालकर गरम करें और उस गरम पानी में तौलिया भिगोकर अच्छी तरह निचोड़े और उसकी भाप से सेंक करें।
4-एक ग्राम शुद्ध हींग महीन पीसकर अंडे की जर्दी में मिलाकर पसली पर लेप करें,इस लेप से पसली के दर्द में तुरंत फायदा होता है।
5-गरम दूध में तीन-चार इलायची पीसकर मिला लें और एक चुटकीभर हल्दी डालकर उसे रात को सोते समय रोगी को पिलायें,सुबह लगेगा जैसे रात को दर्द उठा ही नहीं था।
6-गेंहू की रोटी एक तरफ सेंक लें और दूसरी तरफ उसे कच्ची ही रखें,फिर कच्चे भाग पर सरसों का गरम तेल मलकर उसे दर्द वाले हिस्से पर बाँध लें या उसका गरम-गरम सेंक करें,कुछ ही देर में लाभ हो जायेगा।
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