जाने स्त्री और पुरूष के अंगो पर छिपकली गिरने और गिरगिट चढ़ने का फल- ह्यरन्ध्र- राज्य प्राप्ति केशान्त- मृत्यु तुल्य कष्ट ललाट- स्थान लाभ केशबंध-रोगभय ठोड़ी- निधनभय दाहिना कान- भूषण प्राप्ति बायां कान- आयुवर्ध्दि नासिका(कान)- सौभाग्य लाभ मुख- मधुर भोजन नासाग्र- व्यसन विग्रह बायां गाल- इष्ट मित्र मिलन दाहिना गाल- आयुव्रद्धि गला- सुख प्राप्ति गर्दन- यस प्राप्ति दाढ़ी या हनु- भयकारक मूँछ- सम्मान प्राप्ति भृकुटी या भौह- धनहानि भौहमध्य- धनलाभ दाहिना नेत्र- बन्धु दर्शन बायां नेत्र- हानिकारक कण्ठ- शत्रुनाश पीठमध्य- कलह दाहिनी पीठ- रोगभय उत्तरोष्ठ- धनहानि अधरोष्ठ- प्रियमिलन दाहिना कंधा- विजय बायां कंधा-दुश्मनों से भय दाहिनी भुजा- धन एवम् इष्ट लाभ बायीं भुजा- धनक्षय एवम् राजभय दाहिनी हथेली- वस्त्र लाभ बायीं हथेली- धनहानि दायाँ करतल पृष्ट- द्रव्य का सदुपयोग बायां करतल पृष्ट- द्रव्य का दुरूपयोग दाहिना अंगूठा- अर्थ लाभ बायां अंगूठा- अर्थ हानि दाहिना मणिबन्ध- मानसिक चिन्ता बायां मणिबन्ध- धान्य लाभ नखों पर- द्रव्य लाभ दायाँ पार्श्व पंखुली- बन्धुदर्शन बायां पार्श्व...