जाने स्वप्न देखने का फल-
दाँत टूटते देखना- दुःख एवम् झंझट का सामना हो
दरवाजा टूटते देखना- किसी बड़े मित्र से मित्रता हो
दलदल देखना- व्यर्थ चिंता करना
सुपाड़ी देखना- रोग से मुक्ति हो
धुँआ देखना- हानि एवम् विवाद हो
रस्सी देखना- यात्रा करना (अति परेशानी हो)
रोटी खाना- पदोन्नति एवम् धन बढ़े
प्रकाश देखना- उच्चकोटि का साधू हो
रूई देखना- स्वस्थ हो जाये
खेती देखना- लापरवाह हो,संतान प्राप्ति हो
भूकम्प हो- संतान को कष्ट एवम् दुःख हो
सीढ़ी देखना- सुख सम्पत्ति बढ़े
सुराही देखना- बुरा संग हो
चश्मा लगाना- विद्यता बढ़े
लाठी देखना- नाम पैदा करे
खाई देखना- धन एवम् प्रसिद्धि बढ़े
ऊँची देखना- घर में कलह बढ़े
कुत्ता देखना- उत्तम मित्र प्राप्त हो
कलम देखना- महान व्यक्ति से मुलाकात हो
टोपी देखना- दुःख दूर हो उन्नति हो
धनुष देखना- लाभप्रद यात्रा हो
कोयल देखना- व्यर्थ किसी झगड़े में फंसे
कीचड़ में फसना- कष्ट हो व्यय हो
बैल या गाय देखना- मोटी देखें तो लाभ, दुबली देखें तो हानि
घर बनाना- प्रसिद्धि हो
घास का मैदान देखना- खूब धन एकत्रित करना
घोडा देखना- संकट दूर हो
घोड़े पर सवार होना- सरदारी या ओहदा मिले
लोहा देखना- किसी धनवान से लाभ मिले
लोमड़ी देखना- किसी धनवान से लाभ हो
मोती देखना- लड़की पैदा हो
मुर्दे से बात करना- मुराद पूरी हो
बाजार देखना- दलिद्रता दूर हो
बड़ी दीवाल- सम्मान मिले
दीवाल में कील ठोकना- वर्द्ध से लाभ हो
दतुवन करना- पाप का प्रायश्चित हो,सुख हो
खूँटा देखना- धर्म की ओर अभिरूचि बढ़े
धरती पर बिस्तर लगाना-दीर्घायु हो,सुख वर्द्धि हो
ऊँची जगह पर चढ़ना- पदोन्नति एवम् प्रसिद्धि हो
बिल्ली देखना- चोर या शत्रु से पाला पढ़े
बिल्ली या बन्दर काटे- रोग और अर्थ संकट हो
नदी का पानी पीना- राज्य से लाभ हो,परिश्रम हो
सफेद फूल देखना- दुःख से छुटकारा मिले
लाल फूल देखना- पुत्र से सुख और भाग्योदय हो
पत्थर देखना- विपत्ति,मित्र शत्रु बने
तलवार देखना- युद्ध में विजय हो
सिंहासन देखना- बहुत सुख मिले
जंगल देखना- दुःख दूर हो,विजय हो
अर्थी देखना- रोग मुक्त हो,आय वर्द्धि हो
जहाज देखना- परेशानी दूर हो,व्यय हो
चाँदी देखना- धन एवम् अहंकार व्रद्धि हो
झरना देखना- दुःख दूर हो
चादर देखना- बदनामी हो
दिया जलते देखना- आयु व्रद्धि हो
पत्र पढ़ना- शुभ समाचार मिले,परिश्रम हो
सुगंध लगना- विद्वान एवम् पंडित हो
आकाश देखना- ऐश्वर्य व्रद्धि हो
कुएँ का पानी देखना- विविध लाभ,विजय
रत्न या नगीना देखना- दुःख-भय,व्यय हो
धूप देखना- पदोन्नति एवम् लाभ हो
अग्नि उठाना- अवैध धन प्राप्ति, अवैध व्यय
आग जलाकर पकड़ना-कष्ट का सामना हो,व्यय हो
बादल आकाश में देखना- राज्य से लाभ हो
बादलपूर्ण आकाश देखना- विपत्ति,दुःख व परेशानी हो
आँधी और बिजली गिरना- मुसीबत में फंसे
सुखा अन्न खाना- विविध कष्ट व्यर्थ परेशानी हो
एक अंगूठी पहनना-धनलाभ एवम् प्रसन्नता बढ़े
वर्षा अपने घर पर देखना- घर में कलह एवम् रोग बढ़े
वर्षा पूरे नगर में देखना- सुख एवम् प्रसन्नता प्राप्त हो
हरी फुलवारी देखना- धन- जन की वर्द्धि हो
सुखा बाग़ देखना- विपत्ति में फंसे
सर के बाल कटे देखना- कर्ज से मुक्ति हो,स्त्री को पुत्र हो
बाल देखना- धन लाभ हो
हवाई जहाज देखना- यात्रा हो
शराब पीना- अपयश मिले
मुर्दा देखना- धन लाभ हो
समुद्र देखना- धन यश की प्राप्ति हो
पूजा करना- आकस्मिक धनलाभ
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दोस्तों आपने पतंजलि के उत्पादों के बारें में तो बहुत ही सुना व देखा होगा आइये आज हम जानतें हैं कि ये है क्या- पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एवं इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से की गयी थी। यह हरिद्वार में स्थित है। आचार्य बालकृष्ण इसके महासचिव हैं। मुख्य कार्य दिव्य योग साधना हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री जैसी डी.वी.डी., वी.सी.डी., एम.पी.53 तथा कैसटों के निर्माण व वितरण आदि का प्रबन्ध दिव्य योग साधना द्वारा गाये गये भजनों सहित उनके योग व आयुर्वेद आधारित विषयों पर सौ से भी अधिक डी.वी.डी., वी.सी.डी. व ऑडियो कैसेट का निर्माणादि का प्रबन्धन दिव्य योग साधना द्वारा किया जा चुका है, जिसमें स्वामी जी महाराज द्वारा विभिन्न रोगों के लिये बताये जाने वाले योग-उपचार तथा उनके भजनों पर आधारित भक्ति गीतांजलि व राष्ट्र वंदना की सी.डी. प्रमुख है। योग संदेश योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म ...
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