What is treatment of insomnia ?अनिंद्रा का इलाज क्या है ? Insomnia ka ilaj kaise krte hai in hindi on blogger on google
अनिंद्रा का अर्थ है नींद का बार-बार टूटना या सुबह होने से पहले ही आँख का खुल जाना।
कारण-आज के युग में व्यस्त रहने के कारण हमारे सोने और जागने के समय में परिवर्तन अनिंद्रा का एक प्रमुख कारण है।
अगर रात में देर तक नींद नहीं आती तो इसका कारण चिंता है।शोरगुल,तेज रोशनी,ज्यादा गर्मी या ठंडी इन सबके कारण भी नींद में बाधा आती है।
लक्षण-आमतौर पर अनिंद्रा के रोगियों में जाग्रतावस्था में आलस्य,सुस्ती,थकान और सिरदर्द की शिकायत बनी रहती है।
नुश्खे-1-एक सेर पानी को अच्छी तरह उबाल लें,फिर उसे नीचे उतार कर उसमें 5 तोला कद्दूकस किया हुआ प्याज डालकर 5 से 10 मिनट रहनें दें। ठंडा होने पर छान लें।
यह पानी एक चम्मच की मात्रा में लेकर उसमें 5 बूंद शहद मिलाकर बच्चों को पिलाने से वे गहरी नींद में सोतें हैं।
2-कोकम को चटनी की तरह पीसकर पानी मिलाकर छान लें,इसमें शक्कर मिलाकर शर्बत बनाइये,यह शर्बत पीने से अनिंद्रा का नाश होता है।इसका सेवन कम से कम 15 दिनों तक अवश्य करना चाहिए।
3-पीपरामूल का चूर्ण बनाकर रख लें।
प्रतिदिन सोने से पूर्व आधा चम्मच चूर्ण गुड़ में मिलाकर खायें और ऊपर से गर्म दूध पीकर सो जायें।
इससे अच्छी नींद आती है और सुबह उठाने पर मन प्रसन्न रहता है।
4-प्याज में मसाले भरकर उसका अचार बनायें।
यह अचार इतना हो कि ज्यादा से ज्यादा इसका 15 दिनों तक सेवन किया जा सके।
हर 15 दिन पर ताजा अचार बनाये।
यह अचार खाने से अच्छी नींद आती है,थकावट दूर होती है,खाने में रूचि बढ़ती है और दस्त साफ़ आता है।
5-एक अच्छा और पका हुआ पुराना कुम्हड़ा लेकर उसका छिलका निकाल दीजिये,फिर उसे काटकर उसका गूदा और बीज निकाल दें,इसके बाद कुम्हड़े के एक या दो रुपये भर के टुकड़े बनाकर उसे पानी में उबालें। जरा नरम पडने पर उन्हें उतारकर कपड़े पर डालकर पानी निकाल दें।
उबले हुये कतरों को दुगनी शक्कर की चाशनी बनाकर उसमें टुकड़ो को डाल दीजिये।
इस मुरब्बे का नियमित सेवन करने से अनिंद्रा का नाश होता है।
जानकारी दादी माँ के नुश्खे टैग पर
http://techgyanu.blogspot.in
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें