What is the treatment of cholera ? हैजा का घरेलू इलाज क्या है ? Haijab ka ilaj in hindi in hindi on blogger on google
हैजा एक भयानक संक्रामक रोग है। इसमें उल्टी और पतले दस्त एकसाथ शुरू हो जातें हैं।
पहले पीला पतला दस्त और फिर उबले चावल के माण्ड के समान दस्त आतें हैं।
उचित इलाज न होने पर यह घातक भी हो सकता है।
कारण-जो लोग जानवरों की तरह ठूस-ठूंस कर खातें हैं।
वही अधिकतर इस रोग के शिकार होतें हैं।
इस रोग में तो कभी-कभी गाँव के गाँव साफ हो जातें हैं। अतः इसकी तुरन्त रोकथाम जरूरी है। इसके अतिरिक्त एक सूखा हैजा भी होता है। जिसमे सभी लक्षण हैजे के होतें हैं परन्तु उल्टी और दस्त नहीं होतें हैं।
लक्षण-प्रारम्भ में हैजा के रोगी के हाँथ पैर की अगुलियों में भयंकर दर्द होता है और फिर पिंडलियों,जाँघों,आँतों एवं मांसपेशियों में सनसनाहट होने लगती हैं।
हाँथ पैरों की अंगूलियां नीली हो जातीं हैं।
रोग बढ़ने पर अत्याधिक मात्रा में जल के समान पतले चावल के मांड के रंग के दस्त आने शुरू हो जातें हैं। जिनमें की दर्द नहीं होता है।
अधिक मात्रा में दस्त,उल्टी के कारण मूर्छा आने लगती है।
नुश्खे-1-काली मिर्च 10 रत्ती,घी में भुनी हुयी हींग 10 रत्ती और अफीम 9 रत्ती को एक साथ मिलाकर 12 गोलियां बना लीजिये। दिन में 3 से 4 बार 1-1 गोली पानी के साथ देने से हैजा में फायदा होता है।
2-हींग 5 ग्राम,कपूर 10 ग्राम,कत्था 10 ग्राम और नीम 10 कोमल पत्तियां लेकर तुलसी के रस पीसकर चने के बराबर गोलियां बनायें। 1-1 गोली दिन में 3-4 बार गुलाब के अर्क में देने से हैजे में लाभ होता है।
3-लौंग के तेल की दो-तीन बूँद चीनी या बताशे में देने से हैजे में लाभ होता है।
4-अजमोद के पत्तों को अच्छी तरह धोकर पीसें और उसका रस निकाल लें,यह रस हैजे में एक-एक घण्टे के अंतराल पर दीजिये।
पहली बार चार बड़े चम्मच यह रस देते रहिये,इससे हैजा थोड़े ही समय में नियंत्रित हो जाता है।
5-जायफल का 10 ग्राम चूर्ण गुड़ में मिलाकर तीन-तीन मिली ग्राम की गोलियां बनाइये। 1-1 गोली आधे-आधे घण्टे पर देने से ऊपर से थोडा सा गर्म पानी पीने से हैजे के दस्त बन्द हो जातें हैं।
6-हैजे का आक्रमण होने पर रोगी को बार-बार प्याज का रस देने से लाभ होता है। हैजे के शुरू में ही 1-1 रत्ती हींग मिलाया हुआ प्याज का रस आधे-आधे घण्टे के अंतराल पर देने से हैजा मिटता है।
7-एक जायफल का चूर्ण 100 मिली तेल में मिलाकर धीमी आंच पर पकायें। अच्छी तरह पक जाने पर उतार लीजिये।
इसे हैजे के रोगी के हाँथ-पैर पर मलने से राहत मिलती है।
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