झाइयां में गर्दन व बाजू पर भूरे या स्याह रंग के धब्बे व दाने हो जातें हैं। चेहरे पर नाक के दोनों ओर चमगादड़ की आकृति का दाग पड़ जाता है।
नुश्खे-1- नींबू मलने से दाग-धब्बे और झाइयां मिट जातीं हैं और चेहरे चमक और कान्ति है।
2-गर्मी के मौसम में रात को सोने से पहले दही से मालिश करें और 15 मिनट बाद चेहरा धोकर सो जायें। इससे चेहरे पर रूखापन,दाग और झाइयां मिट जातीं हैं।
3-सर्दियो के मौसम में हल्के गर्म दूध से मालिश करें। एक दिन का बासी मट्ठा सुबह नहाने से पहले मुह पर मलें और 10 मिनट बाद स्नान कर लें। इससे झाइयां और झुर्रियां मिट जातीं हैं।
4-चेहरे की झाइयों और झुर्रियों को मिटाने के लिए नींबू का रस और शहद मिलाकर चेहरे पर लगायें तथा नियमित रूप से जैतून के तेल से मालिश करें।
5-महीन हल्दी को आक के दूध में मिलाकर पतला उबटन बनाकर रात को सोते समय झाइयों पर लेप करें। कुछ ही दिनों में आपका चेहरा स्निग्धता और कान्ति से चमक उठेगा।
6-50 ग्राम गुलाब जल में नींबू निचोड़े तथा उसमे थोड़ी कस्तूरी और गिल्सरीन मिला दें।
नहाने से एक घण्टा पहले मुँह व गर्दन पर मलें।
गर्म-गर्म पानी से मुँह धोकर ठंडे पानी की छीटें मारें। तौलिये से त्वचा को रगड़े,परंतू साबुन का इस्तेमाल न करें। इससे झाइयां दूर होती हैं तथा त्वचा कोमल बनती है।
7-जामुन की गुठलियों को स्वच्छ चिकने पत्थर पर घिसकर लगाने से मुँहासे दूर होते है और झाइयां एकदम साफ़ हो जाती हैं।
8-यदि हम प्रतिदिन एक कप मूली का रस निकालकर एक सप्ताह तक पियें तो चेहरे के सारे दाग-धब्बे अपने आप समाप्त हो जातें हैं।
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दोस्तों आपने पतंजलि के उत्पादों के बारें में तो बहुत ही सुना व देखा होगा आइये आज हम जानतें हैं कि ये है क्या- पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एवं इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से की गयी थी। यह हरिद्वार में स्थित है। आचार्य बालकृष्ण इसके महासचिव हैं। मुख्य कार्य दिव्य योग साधना हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री जैसी डी.वी.डी., वी.सी.डी., एम.पी.53 तथा कैसटों के निर्माण व वितरण आदि का प्रबन्ध दिव्य योग साधना द्वारा गाये गये भजनों सहित उनके योग व आयुर्वेद आधारित विषयों पर सौ से भी अधिक डी.वी.डी., वी.सी.डी. व ऑडियो कैसेट का निर्माणादि का प्रबन्धन दिव्य योग साधना द्वारा किया जा चुका है, जिसमें स्वामी जी महाराज द्वारा विभिन्न रोगों के लिये बताये जाने वाले योग-उपचार तथा उनके भजनों पर आधारित भक्ति गीतांजलि व राष्ट्र वंदना की सी.डी. प्रमुख है। योग संदेश योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म ...
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