रक्त प्रदर यह स्त्रियों में होने वाला एक रोग है। इसमें स्त्रियों की योनि से लसलसा स्त्राव होता है। जिसमें खून भी आता है। इस बीमारी का इलाज निम्न हैं-
1-बीस ग्राम अशोक की छाल गाय के दूध में पकाकर मिश्री मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें,बारह सप्ताह तक इस योग को आजमाने से रक्त प्रदर ठीक हो जायेगा।
2-गाजर के रस और बकरी के दूध को दही में बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम पीने से रक्त प्रदर से मुक्ति मिलती है।
3-आम की गुठली की भीगीं का चूर्ण 10 ग्राम और भुनी हुई छोटी हरड़ का चूर्ण 10 ग्राम, दोनों को बारीक़ पीस लें और दिन में पानी के साथ एक ग्राम लें, एक सप्ताह में आराम मिल जायेगा।
दोस्तों आपने पतंजलि के उत्पादों के बारें में तो बहुत ही सुना व देखा होगा आइये आज हम जानतें हैं कि ये है क्या- पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एवं इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से की गयी थी। यह हरिद्वार में स्थित है। आचार्य बालकृष्ण इसके महासचिव हैं। मुख्य कार्य दिव्य योग साधना हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री जैसी डी.वी.डी., वी.सी.डी., एम.पी.53 तथा कैसटों के निर्माण व वितरण आदि का प्रबन्ध दिव्य योग साधना द्वारा गाये गये भजनों सहित उनके योग व आयुर्वेद आधारित विषयों पर सौ से भी अधिक डी.वी.डी., वी.सी.डी. व ऑडियो कैसेट का निर्माणादि का प्रबन्धन दिव्य योग साधना द्वारा किया जा चुका है, जिसमें स्वामी जी महाराज द्वारा विभिन्न रोगों के लिये बताये जाने वाले योग-उपचार तथा उनके भजनों पर आधारित भक्ति गीतांजलि व राष्ट्र वंदना की सी.डी. प्रमुख है। योग संदेश योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म ...
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