आपने पहले ब्लॉग में सिरदर्द के इलाज के 15 घरेलू उपायों को जाना अब आइये अन्य उपायों को जानतें हैं-
1-कितना ही भयंकर सिरदर्द हो या किसी कारण से सिरदर्द हो आप लहसुन की एक पूनी छीलकर इत्मीनान से चबाइये और धीरे-धीरे निगल जाईये,कुछ ही देर में चमत्कार देखिये सिरदर्द छू मंतर हो जायेगा।
2-पेट-गैस के कारण यदि सिरदर्द या चक्कर आता हो तो गर्म पानी में नींबू निचोड़कर पीने से तुरंत आराम मिलेगा।
3-दालचीनी को पीसकर माथे पर लेप करने से सिरदर्द दूर हो जाता है।
4-एक ग्राम अफीम तथा दो लौंग पीसकर और गर्म करके लेप करने से सर्दी से होने वाला सिरदर्द मिट जाता है।
5-रात को बादाम की गिरी को भिगोकर रखें,प्रातः उसे पीसकर तथा घी में भूनकर गर्म पानी में मिलाकर पी लें,इससे पुराना सिरदर्द भी ठीक हो जाता है।
6-गुड़ को पानी में छानकर पीने से सिरदर्द में लाभ होता है।
7-गर्मी के कारण यदि सिरदर्द हो तो लौकी का गूदा निकालकर खूब बारीक़ कर माथे पर लेप करें। घण्टे भर में ही सिरदर्द गायब हो जायेगा।
8-एक कप दूध में पिसी इलायची मिलाकर पीने से सिरदर्द दूर हो जाता है।
9-प्रातःकाल खाली पेट जलेबियां दूध में डालकर खाएं,सिरदर्द ठीक हो जायेगा।
24-पुराना सिरदर्द है तो ग्यारह बेलपत्र पीसकर उसका रस निकालें और सर्दियों में यह रस बिना कुछ मिलाये ही पी जाएं तथा गर्मियों में थोडा पानी मिलाकर पियें। कितना ही पुराना सिरदर्द हो,तीन दिन में ही ठीक हो जाता है।
25-हरड़,बहेड़ा,आँवला,हल्दी,नीम की छाल और गिलोय इनका काढ़ा बनाकर पीने से पुराना और भयंकर सिरदर्द हो,तीन दिन में ही आराम मिलता है।
26-काली मिर्च,लौंग,पिपरी पीसकर हल्का गर्म करें,इसको नाक में टपकाने से सिरदर्द दूर हो जायेगा।
27-तुलसी के पत्तों को पीसकर लेप करने से सिरदर्द में आराम मिलेगा।
28-सूखे आँवले करीब दस दिन तक सरसों के तेल में डुबोकर रखें। यह तेल सिर में लगाने से सिरदर्द दूर हो जायेगा।
29-आँवले का मुरब्बा दूध के साथ लेने से भी बहुत लाभ होता है। विशेष रूप में गर्मियों में।
30-
चाँदी के वर्क में आँवले के मुरब्बे को लपेटकर खाने से सिरदर्द दूर होता है और मस्तिष्क की कमजोरी अथवा चक्कर आना दूर होता है।
नोट-दालें,फलियां और तले हुए पदार्थ इस रोगी के लिए हानिकारक हैं। अतः इनके परहेज रखना चाहिए। तीखे और कसैले खाद्य-पदार्थो का सेवन भी हानिकारक है।
दोस्तों आपने पतंजलि के उत्पादों के बारें में तो बहुत ही सुना व देखा होगा आइये आज हम जानतें हैं कि ये है क्या- पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एवं इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से की गयी थी। यह हरिद्वार में स्थित है। आचार्य बालकृष्ण इसके महासचिव हैं। मुख्य कार्य दिव्य योग साधना हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री जैसी डी.वी.डी., वी.सी.डी., एम.पी.53 तथा कैसटों के निर्माण व वितरण आदि का प्रबन्ध दिव्य योग साधना द्वारा गाये गये भजनों सहित उनके योग व आयुर्वेद आधारित विषयों पर सौ से भी अधिक डी.वी.डी., वी.सी.डी. व ऑडियो कैसेट का निर्माणादि का प्रबन्धन दिव्य योग साधना द्वारा किया जा चुका है, जिसमें स्वामी जी महाराज द्वारा विभिन्न रोगों के लिये बताये जाने वाले योग-उपचार तथा उनके भजनों पर आधारित भक्ति गीतांजलि व राष्ट्र वंदना की सी.डी. प्रमुख है। योग संदेश योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म ...
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