छींक प्रायः सभी दिशाओं की ख़राब होती है। अपनी छींक महा अशुभ होती है। गौ छींक मरण करती है। बायीं ओर पीछे की ओर छींक हो तो दोष नहीं है। कहा गया है-
"सम्मुख छींक लड़ाई भाखे।
छींक दाहिनी द्रव्य विनाशे।।
ऊँची छींक कहे जयकारी।
नीची छींक होय भयकारी।।"
कन्या,विधवा,मालिन,धोबिन,रजस्वला,वेश्या,चमारिन की छींक विशेष अशुभ होती है। आसन,शयन,शौच,दान,भोजन,औषधि-सेवन,विद्यारम्भ और बीज बोने के समय,युद्ध या विवाह में जाते समय छींक हो तो शुभ फलदायक है। शराब,सुघनी,पीनस से होने वाली छींक,बच्चे और बूढ़े को छींक तथा हठ से छींकना निष्फल होता है। कोशिश करने पर यदि छींक न रुके तो मनुष्य जिस कार्य के लिए जा रहा है। उसमें विघ्न अवश्य होगा।
यह भी एक लोकोक्ति है-
"एक नाक दो छींक। काम बने सब ठीक।।"
दोस्तों आपने पतंजलि के उत्पादों के बारें में तो बहुत ही सुना व देखा होगा आइये आज हम जानतें हैं कि ये है क्या- पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एवं इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से की गयी थी। यह हरिद्वार में स्थित है। आचार्य बालकृष्ण इसके महासचिव हैं। मुख्य कार्य दिव्य योग साधना हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री जैसी डी.वी.डी., वी.सी.डी., एम.पी.53 तथा कैसटों के निर्माण व वितरण आदि का प्रबन्ध दिव्य योग साधना द्वारा गाये गये भजनों सहित उनके योग व आयुर्वेद आधारित विषयों पर सौ से भी अधिक डी.वी.डी., वी.सी.डी. व ऑडियो कैसेट का निर्माणादि का प्रबन्धन दिव्य योग साधना द्वारा किया जा चुका है, जिसमें स्वामी जी महाराज द्वारा विभिन्न रोगों के लिये बताये जाने वाले योग-उपचार तथा उनके भजनों पर आधारित भक्ति गीतांजलि व राष्ट्र वंदना की सी.डी. प्रमुख है। योग संदेश योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म ...
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