जब हम मस्तिष्क से आवश्यकता से अधिक कम लेतें हैं । तब ज्ञान तन्तुओं का विचारक केंद्र भृकुटि और ललाट के मध्य भाग में पीड़ा उत्पन्न न हो जाती है ठीक उस स्थान पर जहाँ पर तिलक या त्रिपुण्ड लगतें हैं । चंदन का तिलक ज्ञान-तन्तुओं को शीतलता प्रदान करता है । जो प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान के पश्चात चन्दन का तिलक लगाता है । उसे सिर दर्द की शिकायत नहीँ होती । इस तथ्य को डॉक्टर्स एवम् वैद्य हकीम भी स्वीकार करतें हैं ।
दोस्तों आपने पतंजलि के उत्पादों के बारें में तो बहुत ही सुना व देखा होगा आइये आज हम जानतें हैं कि ये है क्या- पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एवं इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से की गयी थी। यह हरिद्वार में स्थित है। आचार्य बालकृष्ण इसके महासचिव हैं। मुख्य कार्य दिव्य योग साधना हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री जैसी डी.वी.डी., वी.सी.डी., एम.पी.53 तथा कैसटों के निर्माण व वितरण आदि का प्रबन्ध दिव्य योग साधना द्वारा गाये गये भजनों सहित उनके योग व आयुर्वेद आधारित विषयों पर सौ से भी अधिक डी.वी.डी., वी.सी.डी. व ऑडियो कैसेट का निर्माणादि का प्रबन्धन दिव्य योग साधना द्वारा किया जा चुका है, जिसमें स्वामी जी महाराज द्वारा विभिन्न रोगों के लिये बताये जाने वाले योग-उपचार तथा उनके भजनों पर आधारित भक्ति गीतांजलि व राष्ट्र वंदना की सी.डी. प्रमुख है। योग संदेश योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म ...
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