सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

फिटकरी का उपयोग fitkari ka upyog in hindi on blogger on google

घरेलू औषधि के रूप में फिटकरी को विशेष महत्व प्राप्त है। त्वचा विकारों में तो यह अत्यंत महत्व पूर्ण है।
फिटकरी के पानी से कुछ दिन तक कुल्ला करने से पायरिया, मुँह के छाले, दांत के कीड़े आदि रोगों से मुक्ति मिलती है। इस तरह के चरम और दन्त रोगों में फिटकरी के निम्न नुश्खे विशेष रूप से लाभदायक हैं।
नुश्खे- 1-चर्म रोग- चरम रोगों में फिटकरी बड़ी ही लाभदायक है। जिस स्थान पर चर्म रोग हुआ हो। वहां उस स्थान को बार-बार फिटकरी से धोने से या फिटकरी के पानी से धोने से लाभ होता है।

2-बुखार-साधारण बुखार में थोड़ी सी सोंठ और फिटकरी पीसकर दिन में तीन बार बतासे में रखकर खिलाने से रोगी को लाभ मिलता है।

3-दांतदर्द में-दांतों के दर्द में फिटकरी और रीठे की गुठली को मिलाकर दांतों पर मलने से लाभ मिलता है।

4-पीलिया-पीलिया में फिटकरी अत्यंत लाभकारी है। 10 ग्राम फिटकरी को पीसकर 21 पुड़ियां बनायें। दिन में तीन बार 1-1 पुड़िया गाय के दूध के मक्खन के साथ सेवन करने से पीलिया दूर होता है।

5-कुष्ठ रोग में-कुष्ठ रोग के इलाज के लिए 100 ग्राम फिटकरी पीसकर भस्म बनायें। फिर दो रत्ती फिटकरी और एक चम्मच शहद को गाजर मूली के रस में मिलाकर नियमित सेवन करें। 100 ग्राम शुद्ध गंधक और 100 ग्राम भूनी हुयी फिटकरी मिलाकर नीम के रस में घोटकर राई के तेल में पकाएं और इसका लेप करें। तीन घण्टे बाद नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर लेप को धो डालें और फिटकरी के पानी से ही स्नान करें। कुछ ही दिनों में कुष्ठ रोग ठीक हो जायेगा।

6-घाव- अगर कोई घाव नहीं भर रहा है तो फिटकरी को तवे पर भूनकर उसका चूर्ण बना लें। फिर एक चौथाई चम्मच गाय के घी में पौना ग्राम फिटकरी मिलाकर घाव में लगायें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में घाव भर जायेगा।

7-आँखों में रोहे-5 ग्राम फिटकरी और 5 ग्राम सुहागा एक साथ पीस लें। फिर इसमें एक या डेढ़ ग्राम कलमी सोरा मिलाकर मिश्रण को छान लें और दो-तीन बूँदें आँखों में सुबह शाम डालें। यह लाभप्रद है।

8-पायरिया- यदि दांतों में खून आता हो तो 5 ग्राम फिटकरी का चूर्ण बना लें। उसमे जामुन की लकड़ी के कोयले को मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को दांतों पर मलने से दांतों से खून निकलना बन्द हो जाता है।

9-बदहजमी-हाजमा बिगड़ जाने पर दो-दो ग्राम कलमी सोरा और नौसादर को आधा ग्राम फिटकरी में पिघलाकर एक स्टील की कटोरी में ठंडा कर लें।बच्चों को एक रत्ती और बड़ों को चार रत्ती की फंकी देकर ताजा पानी पिलायें। इससे बदहजमी दूर हो जाती है।

10-मुँह के छाले-आग में फुलाई गयी फिटकरी और बराबर मात्रा में माजूफल का चूर्ण मिलाकर जीभ पर मलें। इससे लार गिरेगी और छाले ठीक हो जायेगें।

11-चोट- अंदरूनी चोट लगने पर एक गिलास दूध में आधा ग्राम फिटकरी मिलाकर पिलायें। फिर एक घण्टे बाद दूध में हल्दी डालकर पिलायें। इससे चोट में राहत मिलती है।

12-काली खांसी- गन्ने की चाशनी से निकली गई चीनी तथा भुनी हुई फिटकरी सममात्रा में लेकर पीस कर रख लें। केवल 5 ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण की फंकी खाने से काली खांसी दूर हो जाती है। सूखी खांसी के लिए 10 ग्राम फिटकरी और 25 ग्राम मिश्री का चूर्ण बनायें। इस चूर्ण को 1 ग्राम की मात्रा में फ़ाँक कर 250 मिली गुनगुना दूध पियें। इसके सेवन से काली खांसी दूर हो जाती है।
किसी एनी जानकारी के लिए सम्बंधित टैग्स पर क्लिक करें।
http://techgyanu.blogspot.in

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पतंजलि योगपीठ क्या है? What is Patanjali yogpith? Patanjali yogpith trast kise kahten hai in hindi?

दोस्तों आपने पतंजलि के उत्पादों के बारें में तो बहुत ही सुना व देखा होगा आइये आज हम जानतें हैं कि ये है क्या- पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एवं इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से की गयी थी। यह हरिद्वार में स्थित है। आचार्य बालकृष्ण इसके महासचिव हैं। मुख्य कार्य दिव्य योग साधना हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री जैसी डी.वी.डी., वी.सी.डी., एम.पी.53 तथा कैसटों के निर्माण व वितरण आदि का प्रबन्ध दिव्य योग साधना द्वारा गाये गये भजनों सहित उनके योग व आयुर्वेद आधारित विषयों पर सौ से भी अधिक डी.वी.डी., वी.सी.डी. व ऑडियो कैसेट का निर्माणादि का प्रबन्धन दिव्य योग साधना द्वारा किया जा चुका है, जिसमें स्वामी जी महाराज द्वारा विभिन्न रोगों के लिये बताये जाने वाले योग-उपचार तथा उनके भजनों पर आधारित भक्ति गीतांजलि व राष्ट्र वंदना की सी.डी. प्रमुख है। योग संदेश योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म ...

एक प्रेम कहानी सात नंबर चुटकुले jokes in hindi chutkule in hindi on blogger on google

पत्नी-अगर मैं अचानक मर गई तो तुम क्या दूसरी शादी करोगे? पति-नहीं डार्लिंग,ऐसा नहीं करूँगा ऐसा तो सोच भी नहीं सकता। पत्नी-क्यों नहीं?अरे आपके अच्छे बुरे दिनों में आपका साथ दे...

सेल्फ ब्रांडिंग के पाँच मंत्र Success mantra सक्सेस मंत्र

वर्कप्लेस यानी कार्यस्थल पर अलग पहचान बनाकर आर्गेनाइजेशन में आप अपनी साख बना सकते हैं। इसके लिए इन पाँच बातों का ध्यान रखना उपयोगी हो सकता है- 1 अपनी खासियत पह चानें- इस बात ...