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What is treatment of jaundice ? पीलिया का इलाज क्या है ? Piliya ka ilaj kaise krte hai in hindi on blogger on google

पीलिया के रोग में रक्त में रंजक पित्त की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे शरीर में खून की कमी हो जाती है।
इस रोग में यकृत में सूजन आ जाती है। यह स्वतंत्र रूप में भी हो सकता है। गर्मी की अपेक्षा यह रोग सर्दी में अधिक होता है।
कारण-क्षारीय पदार्थ,अम्ल,लवण,उष्ण गुण वाले पदार्थो का अधिक सेवन,विरूद्ध आहार,मटर,उड़द,तैलीय पदार्थ आदि। इनका प्रभाव हमारे यकृत पर पड़ता है।
रंजक इसके अतिरिक्त एक वायरस के कारण भी होता है। जो कि संक्रामक होता है।
चरस,गांजा,अफीम आदि का सेवन करने वालों को प्रायः पीलिया की शिकायत हो जाती है।
असंतुलित आहार लेने वालों को भी पीलिया हो जाती है तथा गन्दे वातावरण में रहनें वाले लोगों को भी पीलिया की शिकायत होती है।
लक्षण-इस रोग में आँखें,नाखून और त्वचा पीली हो जाती है। शरीर के विभिन्न अंगों में दर्द,अत्यधिक कमजोरी,थकान व उल्टी जैसे लक्षण प्रकट हो जाते हैं।
अरूचि और उल्टी दोनों लक्षण आकस्मिक रूप से प्रकट होना पीलिया रोग का विशेष लक्षण है।
नुश्खे-1-रोज बेल के 15 पत्तें पानी के साथ पीसकर इस पेय का एक सप्ताह तक नियमित सेवन करने से उग्र पीलिया भी ठीक हो जाती है।
2-एक ग्राम पीपल की छाल की राख फाँक कर एक या दो गिलास छाछ पियें,इससे सारा पीलापन निकल जाता है।
3-पीपल की छाल का नरम गूदा 50 ग्राम जौ कूट करके 250 मिली पानी में किसी कुल्हड़ में भिगों दें,सुबह पानी निथारकर पियें। यह लाभदायक सिद्ध होगा।
4-दस ग्राम सोंठ चूर्ण में गुड़ मिलाकर सुबह-शाम दो बार कुनकुने पानी के साथ कम से कम एक सप्ताह तक सेवन करें। इससे पीलिया में विशेष लाभ होता है।
5-पीलिया का सर्वोत्तम इलाज गन्ना है। गन्ने को चूसने या उसका ताजा रस पीने से पीलिया में विशेष फायदा होता है।
6-भुने हुए जौ या चने के सत्तू के साथ गन्ने के रस का सेवन करने से पीलिया सदा के लिए खत्म हो जायेगी।
7-पीपल और लसोढ़े के 7-7 या 11-11 पत्तें घोट पीसकर नमक मिला लें और इसे खाली पेट ग्यारह दिन तक पियें। इससे आपको आराम मिलेगा।
8-दस ग्राम पिसी हुयी हल्दी 50 या 100 ग्राम दही में मिलाकर खाने से पीलिया कुछ ही दिनों में दूर हो जायेगी।
9-गाय के दूध की ताजा छाछ या दस तोले मठ्ठे में आधा तोला हल्दी मिलाकर सुबह-शाम पीने से पीलिया का निवारण होता है।

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