What is treatment of cataract ? मोतियाबिंद का इलाज ? Motiyabind ka ilaj kya hai in hind in blogger on google
मोतियाबिंद आँखों की पुतली या दृष्टिपटल के पर्दो पर छायी परान्धता को कहतें हैं।
यह जैसे-जैसे पकता है वैसे-वैसे नजर कमजोर होती जाती है।
मोतियाबिंद के पूरी तरह से पक जाने पर रोगी को बस हल्की प्रकाश रेखा के सिवाय कुछ भी दिखाई नहीं देता है।
इस रोग में आँखों की काली पुतलियों में सफेद मोती जैसा बिंदु दिखाई देता है।
कारण-बुढ़ापे में जब आँखों की पारदर्शिता में चर्बी प्रोटीन जैसे पदार्थो की जमावट होती जाती है। तो व्यक्ति को धुंधला दिखाई देने लगता है।
यही रोग मोटोयाबिंद कहलाता है।
नुश्खे-1-10 ग्राम सफेद डेकन पेपर और 50 ग्राम बादाम की गिरी एक साथ पीसकर उसमें 36 ग्राम भूरी शक्कर व 12 ग्राम घी मिलाएं।
इस मिश्रण को 20-20 ग्राम सुबह शाम लेने से मोतियाबिंद ठीक हो जाता है।
2-सौंफ और धनिया को समान मात्रा में लेकर उसमें भूरी शक्कर मिलाइये,इसको 10-10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से लाभ होता है।
3-6 बादाम की गिरी और 7 दाने काली मिर्च को पीसकर पानी में मिलाकर छलनी से छान लें,उसमें मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होता है।
4-आँखों की तकलीफ हो तो गाय का दूध ज्यादा पीना चाहिए। मैथी,भिंडी,पालक,केला,अंगूर,सेब,नांरगी,अनार आदि ज्यादा खाना चाहिए। तेज रोशनी और मानसिक तनाव से भी बचना चाहिए। क्योंकि इनकी वजह से तकलीफें बढ़ सकतीं हैं।
5-गाजर,पालक और आंवले से रस का सेवन करने से मोतियाबिंद बढ़ता नहीं है और दो-तीन महीनों में ही कटकर साफ़ हो जाता है।
6-प्याज का रस,शुद्ध शहद 10-10 मि0ली0,भीमसेनी कपूर 2 ग्राम इन तीनों को अच्छी तरह मिलाकर शीशी में भर लें और रात को सोते समय सलाई से आँखों में अंजन करें,सुबह भी ऐसा करें,इससे मोतियाबिंद में काफी लाभ होता है।
7-एक चम्मच पिसा हुआ धनिया,एक कप पानी में उबालकर छान लें,ठंडा होने पर आँखों में अंजन की तरह प्रयोग करें,इससे मोतियाबिंद ठीक हो जाता है।
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