सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बाबा रामदेव कौन हैं? swami ramdev kaun hai in hindi? How is baba Ramdev?



दोस्तों आज हम योगगुरू बाबा रामदेव के बारे में जानेगें।
यह लेख भारतीय योग-गुरु के बारे में है।
स्वामी रामदेव
जन्म रामकृष्ण
26 दिसम्बर 1965 [1]
सैयद अलीपुर,क़स्बा-नांगल चौधरी, जिला-महेन्द्रगढ़, हरियाणा, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय योगी
प्रसिद्धि कारण योग, प्राणायाम व राजनीति
धार्मिक मान्यता हिन्दू
स्वामी रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, जिन्हें अधिकांश लोग बाबा रामदेव के नाम से जानते हैं। उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। रामदेव जगह-जगह स्वयं जाकर योग-शिविरों का आयोजन करते हैं, जिनमें प्राय: हर सम्प्रदाय के लोग आते हैं। रामदेव अब तक देश-विदेश के करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योग सिखा चुके हैं। भारत से भ्रष्टाचार को मिटाने के लिये अभियान इन्होंने प्रारम्भ किया।

जीवन चरित

भारत में हरियाणा राज्य के महेन्द्रगढ़ जनपद स्थित अली सैयदपुर नामक गाँव में ११ जनवरी १९७१ को गुलाबो देवी एवं रामनिवास यादव के घर जन्मे रामदेव का वास्तविक नाम रामकृष्ण था। समीपवर्ती गाँव शहजादपुर के सरकारी स्कूल से आठवीं कक्षा तक पढाई पूरी करने के बाद रामकृष्ण ने खानपुर गाँव के एक गुरुकुल में आचार्य प्रद्युम्न व योगाचार्य बल्देव जी से संस्कृत व योग की शिक्षा ली। योग गुरु बाबा रामदेव ने युवावस्था में ही सन्यास लेने का संकल्प किया और रामकृष्ण, बाबा रामदेव के नये रूप में लोकप्रिय हो गए।

सार्वजनिक जीवन में प्रवेश

बाबा रामदेव मे 1995 में दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की। 2003 से आस्था टीवी ने हर सुबह बाबा रामदेव का योग का कार्यक्रम दिखाना शुरू किया जिसके बाद बहुत से समर्थक उनसे जुड़े। योग को जन-जन तक पहुँचाने में बाबा रामदेव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, भारत और विदेशों में उनके योग शिविरों में आम लोगों सहित कई बड़ी-बड़ी हस्तियां भी भाग लें चूंकि हैं।
बाबा रामदेव से योग सीखने वालों में अभिनेता अमिताभ बच्चन और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी का नाम उल्लेखनीय है।
बाबा रामदेव ने पहली बार देवबंद (उत्तर प्रदेश) में मुस्लिम समुदाय को संबोधित किया।

पतंजलि योगपीठ

योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए बाबा रामदेव ने पतंजलि योगपीठ की स्थापना की। ब्रिटेन, अमेरिका, नेपाल, कनाडा और मारीशस में भी पतंजलि योगपीठ की दो शाखाएँ है पतंजलि योगपीठ-एक और पतंजलि योग पीठ-दो।

स्वामी रामदेव के प्रमुख कार्य

हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट
स्वामी रामदेव ने सन् २००६ में महर्षि दयानन्द ग्राम हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के अतिरिक्त अत्याधुनिक औषधि निर्माण इकाई पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड नाम से दो सेवा प्रकल्प स्थापित किये।
इन सेवा-प्रकल्पों के माध्यम से स्वामी रामदेव योग, प्राणायाम, अध्यात्म आदि के साथ-साथ वैदिक शिक्षा व आयुर्वेद का भी प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उनके प्रवचन विभिन्न टी० वी० चैनलों जैसे आस्था टीवी, आस्था इण्टरनेशनल, जी-नेटवर्क, सहारा-वन तथा इण्डिया टी०वी० पर प्रसारित होते हैं।
भारत में भ्रष्टाचार और इटली एवं स्विट्ज़रलैण्ड के बैंकों में जमा लगभग ४०० लाख करोड़ रुपये के "काले धन" को स्वदेश वापस लाने की माँग करते हुए बाबा ने पूरे भारत की एक लाख किलोमीटर की यात्रा भी की।

भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव जी अनवरत लड़ाई जारी है और राष्ट्र निर्माण में भी वो प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं । 
इसके अलावा स्वामी रामदेव ने स्वच्छ भारत अभियान में भी भाग लिया।
इतना ही नहीं उन्होंने इस अभियान के तहत हरिद्वार और तीर्थ नगरी ऋषिकेश को गोद लेने की घोषणा की।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्त्री-पुरूषो के अंगो पर छिपकली गिरने और गिरगिट चढ़ने का फल stri aur puroosho ke ango par chipkali girne aur girgit chadhne ka fal in hindi on blogger on google

जाने स्त्री और पुरूष के अंगो पर छिपकली गिरने और गिरगिट चढ़ने का फल- ह्यरन्ध्र- राज्य प्राप्ति केशान्त- मृत्यु तुल्य कष्ट ललाट- स्थान लाभ केशबंध-रोगभय ठोड़ी- निधनभय दाहिना कान- भूषण प्राप्ति बायां कान- आयुवर्ध्दि नासिका(कान)- सौभाग्य लाभ मुख- मधुर भोजन नासाग्र- व्यसन विग्रह बायां गाल- इष्ट मित्र मिलन दाहिना गाल- आयुव्रद्धि गला- सुख प्राप्ति गर्दन- यस प्राप्ति दाढ़ी या हनु- भयकारक मूँछ- सम्मान प्राप्ति भृकुटी या भौह- धनहानि भौहमध्य- धनलाभ दाहिना नेत्र- बन्धु दर्शन बायां नेत्र- हानिकारक कण्ठ- शत्रुनाश पीठमध्य- कलह दाहिनी पीठ- रोगभय उत्तरोष्ठ- धनहानि अधरोष्ठ- प्रियमिलन दाहिना कंधा- विजय बायां कंधा-दुश्मनों से भय दाहिनी भुजा- धन एवम् इष्ट लाभ बायीं भुजा- धनक्षय एवम् राजभय दाहिनी हथेली- वस्त्र लाभ बायीं हथेली- धनहानि दायाँ करतल पृष्ट- द्रव्य का सदुपयोग बायां करतल पृष्ट- द्रव्य का दुरूपयोग दाहिना अंगूठा- अर्थ लाभ बायां अंगूठा- अर्थ हानि दाहिना मणिबन्ध- मानसिक चिन्ता बायां मणिबन्ध- धान्य लाभ नखों पर- द्रव्य लाभ दायाँ पार्श्व पंखुली- बन्धुदर्शन बायां पार्श्व

अंग फड़कने का फल Ang fadakne ka fal in hindi on blogger on google

सामान्यतः पुरूषों का दायाँ और स्त्रियों का बायां अंग फड़कना शुभ होता है। मस्तक फड़कना दोनों का अशुभ होता है। स्त्री का दाहिना और पुरूष का बायां अंग फड़कना अशुभ होता है। इसके लिए यथाशक्ति दान करना चाहिए। अन्य अंगों के फड़कने का फल निम्नवत् है- मस्तक- पृथ्वी लाभ।      ललाट-स्थान लाभ दोनों भौह- सुख प्राप्ति।    बीच भौह- महान सुख कपोल- स्त्री सुख नेत्र- प्रियदर्शन नेत्र का कोना- लक्ष्मी लाभ नेत्र के समीप- प्रिय समागम नेत्र पटल- राज्य लाभ नेत्र उर्ध्व- विजय कन्धा- भोग समृद्धि हनु या ठोड़ी- महान भय कंठ- ऐश्वर्य लाभ ग्रीवा अर्थात गर्दन- शत्रु भय ओष्ठ- प्रिय वस्तु लाभ पीठ- पराजय उदर- कोष-लाभ कुक्षी अर्थात् कोख- सुप्रीति लाभ मुख- मधुर भोजन भुजा- प्रिय प्राप्ति भुज-मध्य- धनागम हस्त- सद्द्रव्य लाभ वक्षस्थल- विजय ह्रदय- इष्ट सिद्धि कटि- प्रमोद कटि पार्श्व- उत्तम प्रीती नाभि- स्त्री को कष्ट पेडू- कोषवर्ध्दि भग- पति प्राप्ति लिंग- स्त्री प्राप्ति गुदा- वाहन लाभ व्रषण- पुत्र प्राप्ति वस्ति- अभ्युदय उरू- वस्त्र लाभ जांघ- स्वामी प्राप्ति घुटना- शत्रु प्राप्ति पाद- स्था

What is blender app? ब्लेंडर ऐप क्या है? Blender apps kise kahte hai in hindi on blogger on google

दोस्तों आज हम ब्लेंडर ऐप के बारे में जानेगें। दोस्तों अगर आप थ्रीडी एनीमेशन बनाना चाहतें हैं। तो यह आपके लिए उपयोगी,फ्री और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है। यह थ्रीडी एडिटिंग के लिहाज से भी बेहतरीन सॉफ्टवेयर है। इसमें आप थ्रीडी कंटेन्ट आसानी से एडिटिंग कर सकतें हैं। इसके फीचर्स किसी भी प्रोफेशनल एडिटिंग सॉफ्टवेयर से कम नहीं हैं। इसमें आप मॉडलिंग,एनीमेशन,रेंडरिंग,पोस्ट-प्रोडक्शन्स और गेम भी डेवलप कर सकतें हैं। यह सॉफ्टवेयर क्रोम प्लेटफ़ॉर्म को सपोर्ट करता है। इसके साथ ही यह लिनक्स,विंडोज और मैक कंप्यूटर पर भी बेहतरीन तरीके से काम करता है। यह सॉफ्टवेयर इसकी वेबसाइट से फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है। यदि आप कोई अन्य जानकारी चाहतें हैं तो ऐप,ऐप जानकारी,हिंदी में जानकारी, techgyan in hindi ,tech tips in hindi ,online jankari टैग्स पर क्लिक कर सकतें हैं। कृपया इस वेबसाइट की url को अपने बुकमार्क में सेव करें-http:// techgyanu .blogspot .in