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Vitamin D protects against skin Diseases in Hindi twacha rogo se bachne ke liye le vutamin D त्वचा रोगों से बचने के लिए लें विटामिन D

स्वस्थ त्वचा सभी को भाती है। शरीर के अंदर व बाहर होने वाले परिवर्तनों का सबसे जल्दी व अधिक प्रभाव शरीर की बाहरी त्वचा पर पड़ता है। त्वचा की चमक ही बाहरी सौंदर्य का आधार माना जाता है। वैसे त्वचा की चमक के कई अन्य कारण भी होतें हैं लेकिन हम प्रकृति के सम्पर्क में जितना अधिक रहते हैं,उतनी ही हमारी त्वचा सुन्दर व आकर्षक रहती है।प्रकृति से हमारा अर्थ विटामिन डी से है जो हमें सूरज की रोशनी से मिलता है। जो लोग लंबे समय तक वातानुकूलित वातावरण में रहतें हैं तथा सूर्य के सम्पर्क में कम आते हैं,उनको त्वचा रोग जल्दी होने की सम्भावना रहती है।
त्वचा रोग-वातावरण में धूल,मिट्टी व प्रदूषण के कारण त्वचा के बाहरी छिद्र बन्द हो जातें हैं। जिससे त्वचा के आन्तरिक विकारों का निकलना बन्द हो जाता है।
इससे बाहरी व आन्तरिक त्वचा के विकार बीच में ही इकठ्ठे होकर त्वचा रोग के रूप में दाद,खुजली,एक्जिमा आदि अनेक प्रकार की समस्याऐं पैदा कर देतें हैं। त्वचा रोग का एक दूसरा बड़ा कारण पेट रोग भी है।
लम्बे समय तक कब्ज रहने पर त्वचा की चमक फीकी पड़ने लगती है।
नींद की कमी,मानसिक तनाव,शारीरिक श्रम का अभाव,एसिड की अधिकता,पाचन तंत्र की कमजोरी से बॉडी का संतुलन बिगड़ जाता है।
जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसके प्रभाव से त्वचा में रूखा व खुरदरापन आ जाता है। इससे कम आयु में ही व्यक्ति बूढ़ा लगने लगता है।
आनुवंशिक कारणों से भी त्वचा रोग होता है।
विटामिन डी से लाभ-
                                प्रकृति ने सूर्य की धूप मुफ़्त में प्रदान की है। धूप से विटामिन डी मिलती है जो त्वचा की ऊपरी व अंदरूनी सतह के विकारों को दूर करता है। सूर्य की किरणें त्वचा के लिए रामबाण हैं। सूर्य का हरा रंग आँखो के रोग,मधुमेह,चर्म रोग,दाद,खुजली,जुकाम व सिर दर्द में लाभदायक होता है।
जब हमारे शरीर की खुली त्वचा सूरज की अल्ट्रा वॉयलेट किरणों के संपर्क में आतीं हैं। तो ये किरणें त्वचा में अवशोषित होकर विटामिन डी का निर्माण करती है। अगर सप्ताह में दो बार दस से पंद्रह मिनट तक शरीर की खुली त्वचा पर सूर्य की अल्ट्रा-वॉयलेट किरणें पड़ती हैं। तो शरीर में विटामिन डी की आवश्यकता पूरी हो जाती है।
सूर्य की किरणों के इस लाभ का फायदा अवश्य उठायें। धन्यवाद्

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