यह जरूरी नहीं कि सिर्फ सर्दियो में ही त्वचा खुश्क हो बल्कि गर्मियों में भी पानी की कमी से भी त्वचा में रूखापन आ जाता है। बाजार में तो इसके लिए रोज ही नई नई क्रीमे आतीं हैं और आप सब उन्हें try भी करते हैं। लेकिन जो आपके घर में उपलब्ध है उसे आपने कभी try किया है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं मलाई की। तो आइये जाने मलाई के गुण-
1-एक चम्मच मलाई में नींबू का रस मिलाकर रोज चेहरे और होंठो पर लगाने से ये कभी नहीं फटते हैं।
2-थोड़ी सी मलाई और एक चम्मच बेसन का उबटन साबुन का बेहतरीन विकल्प है।
3-मुल्तानी मिट्टी को पीसकर मलाई में मिलाकर लगाने से चेहरे पर निखार आता है।
4-तीन-चार बादाम और दस-बारह देसी गुलाब की पत्तियां पीसकर एक चम्मच मलाई मिलाकर चेहरे पर लगाने से झुर्रियाँ और त्वचा के धब्बे दूर हो जाते हैं।
5-मलाई में समुद्री फेन का बारीक़ पाउडर मिलाकर लगाने से मुँहासे ठीक हो जाते हैं।
6-मौसमी य संतरे के छिलकों को पीसकर मलाई में मिलाकर उबटन लगाने से त्वचा मुलायम व साफ़ हो जाती है।
7-एक चम्मच मलाई में एक चम्मच सेब का रस मिलाकर फेटकर हल्के हाथ से चेहरे पर मलने से कुछ ही दिनों में चेहरे का रंग साफ़ हो जाता है।
मलाई को दवा की तरह भी उपयोग में लाया जा सकता है-
8-खाँसी की समस्या हो तो आधी कटोरी मलाई में एक चम्मच नारियल का चूरा,पाँच बड़ी इलायची का पाउडर तथा दस काली मिर्च दरदरी पीसकर धीमी आँच पर चलाकर गर्मकर लें। इसे रोगी को सोने से पहले गर्म-गर्म ही दें। कुछ दिनों में ही खुश्क खाँसी ठीक हो जाती है।
दोस्तों आपने पतंजलि के उत्पादों के बारें में तो बहुत ही सुना व देखा होगा आइये आज हम जानतें हैं कि ये है क्या- पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एवं इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से की गयी थी। यह हरिद्वार में स्थित है। आचार्य बालकृष्ण इसके महासचिव हैं। मुख्य कार्य दिव्य योग साधना हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री जैसी डी.वी.डी., वी.सी.डी., एम.पी.53 तथा कैसटों के निर्माण व वितरण आदि का प्रबन्ध दिव्य योग साधना द्वारा गाये गये भजनों सहित उनके योग व आयुर्वेद आधारित विषयों पर सौ से भी अधिक डी.वी.डी., वी.सी.डी. व ऑडियो कैसेट का निर्माणादि का प्रबन्धन दिव्य योग साधना द्वारा किया जा चुका है, जिसमें स्वामी जी महाराज द्वारा विभिन्न रोगों के लिये बताये जाने वाले योग-उपचार तथा उनके भजनों पर आधारित भक्ति गीतांजलि व राष्ट्र वंदना की सी.डी. प्रमुख है। योग संदेश योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म ...
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